RBI ने बताया ₹50 और ₹100 के असली नोट पहचानने का आसान तरीका

बाजार में फिर से जाली नोटों की सुगबुगाहट तेज हो गई है। जानिए RBI के वाटरमार्क, सुरक्षा धागे और अन्य 10 प्रमुख सुरक्षा फीचर्स के बारे में, ताकि आप शिकार न हों।

RBI ने बताया ₹50 और ₹100 के असली नोट पहचानने का आसान तरीका

‘नकली नोटों के जाल से बचें’: RBI ने बताया ₹50 और ₹100 के असली नोट पहचानने का आसान तरीका

बाजार में फिर से जाली नोटों की सुगबुगाहट तेज हो गई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ₹50 और ₹100 के असली नोटों को पहचानने के लिए विशेष दिशानिर्देश जारी किए हैं। जानिए वाटरमार्क, सुरक्षा धागे और अन्य 10 प्रमुख सुरक्षा फीचर्स के बारे में, ताकि आप ठगी का शिकार न हों।

विशेष रिपोर्ट – हमारा टाइम्स (HamaraTimes.com)

रिपोर्टर: वरिष्ठ आर्थिक संवाददाता

भारतीय अर्थव्यवस्था और आम आदमी की दैनिक जेब पर एक बार फिर नकली नोटों (Fake Indian Currency Notes – FICN) का खतरा मंडराने लगा है। रोजमर्रा के लेनदेन में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले ₹50 और ₹100 के नोटों को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नागरिकों को सतर्क किया है। बाजार में खरीदारी करते समय या खुले पैसे लेते समय अक्सर लोग जल्दबाजी में नोटों की जांच नहीं करते, जिसका फायदा असामाजिक तत्व उठा लेते हैं।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपने जन जागरूकता अभियान ‘पैसा बोलता है’ के तहत ₹50 और ₹100 के महात्मा गांधी (नई और पुरानी) सीरीज के नोटों को पहचानने के सटीक और वैज्ञानिक तरीके साझा किए हैं। इस विस्तृत गाइड में हम आपको बताएंगे कि कैसे आप मात्र 5 सेकंड में बिना किसी मशीन के असली और नकली नोट का अंतर समझ सकते हैं।

₹100 के असली नोट को पहचानने के 10 प्रमुख सुरक्षा फीचर्स

₹100 का नोट (लैवेंडर रंग वाला नया महात्मा गांधी सीरीज नोट) दैनिक लेन-देन में बेहद लोकप्रिय है। RBI के अनुसार, इस नोट में सुरक्षा के कई ऐसे स्तर (Security Layers) दिए गए हैं, जिन्हें कॉपी करना जालसाजों के लिए नामुमकिन है:

+-------------------------------------------------------------------------------+  |                       ₹100 के असली नोट की मुख्य विशेषताएं                    |  +-------------------------------------------------------------------------------+  | 1. सी-थ्रू रजिस्टर (See-Through Register)                                     |  | 2. देवनागरी में '१००' लिखावट                                                  |  | 3. महात्मा गांधी जी का पोट्रेट (चित्र) और वाटरमार्क                           |  | 4. कलर-शिफ्ट सिक्योरिटी थ्रेड (हरा से नीला)                                  |  | 5. सूक्ष्म अक्षर (Micro Lettering - 'RBI' और '100')                          |  | 6. उभारदार छपाई (Intaglio Printing) - दृष्टिबाधितों के लिए त्रिकोण (Triangle)|  | 7. रिवर्स साइड पर 'रानी की वाव' (Rani Ki Vav) की तस्वीर                       |  +-------------------------------------------------------------------------------+  

1. प्रकाश के सामने सी-थ्रू रजिस्टर (See-Through Register)

नोट के बाएं हिस्से पर एक पारदर्शी डिजाइन बनी होती है। जब आप नोट को रोशनी के सामने लाते हैं, तो इस डिजाइन के आर-पार देखने पर ‘100’ का अंक स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आता है।

2. लेटेंट इमेज (Latent Image)

महात्मा गांधी के चित्र के दाहिनी तरफ स्थित वर्टिकल बैंड में ₹100 की एक छिपी हुई छवि (Latent Image) होती है। यह छवि केवल तभी दिखाई देती है जब नोट को आंख के स्तर पर सीधा या क्षैतिज (Horizontal) रखा जाए।

3. रंग बदलने वाला सुरक्षा धागा (Color-Shift Security Thread)

₹100 के नोट में मौजूद विंडो वाला सुरक्षा धागा बेहद खास होता है। जब आप नोट को सीधा देखते हैं, तो यह धागा हरे रंग का दिखता है, लेकिन जैसे ही नोट को थोड़ा तिरछा (Tilt) करते हैं, इसका रंग बदलकर नीला हो जाता है। इस धागे पर ‘भारत’ (हिंदी में) और ‘RBI’ लिखा होता है।

4. महात्मा गांधी वाटरमार्क

नोट के खाली हिस्से (Watermark Window) में महात्मा गांधी का छायाचित्र और इलेक्ट्रोलाइट वाटरमार्क में ‘100’ का अंक दिखाई देता है। यह प्रकाश में देखने पर ही स्पष्ट होता है।

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5. दृष्टिबाधितों के लिए विशेष पहचान चिह्न (Intaglio Identification Mark)

दृष्टिबाधित (Visually Impaired) लोगों की सुविधा के लिए नोट के बाईं ओर उभरा हुआ त्रिकोण (Triangle) बना होता है, साथ ही दोनों किनारों पर 4 कोणीय ब्लीड लाइनें (Angular Bleed Lines) होती हैं। इन्हें छूकर आसानी से महसूस किया जा सकता है।

6. रिवर्स साइड: रानी की वाव (Rani Ki Vav)

₹100 के नए लैवेंडर नोट के पीछे यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल गुजरात की ‘रानी की वाव’ का चित्र अंकित है, जो भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है। इसके साथ स्वच्छ भारत अभियान का लोगो और स्लोगन भी छपा होता है।

₹50 के असली नोट को जांचने के तरीके (फ्लोरोसेंट ब्लू नोट)

₹50 का नया नोट अपने फ्लोरोसेंट ब्लू (Fluorescent Blue) रंग और ऐतिहासिक ‘हम्पी के रथ’ (Hampi with Chariot) के चित्र के लिए जाना जाता है। आइए जानें इसके मुख्य सिक्योरिटी फीचर्स:

सुरक्षा फीचर ₹50 का असली नोट (विशेषता) जाली नोट में अंतर
सुरक्षा धागा पूरी तरह या आंशिक रूप से एम्बेडेड, जिस पर ‘भारत’ और ‘RBI’ लिखा होता है। धागा साधारण स्याही से छपा होता है या चमकीली पट्टी चिपकाई होती है।
कागज की गुणवत्ता कॉटन रैग (Cotton Rag) से बना विशेष क्रैंकलिंग (कड़क) आवाज वाला कागज। साधारण फोटोकॉपी पेपर, जो मुलायम और चिकना महसूस होता है।
माइक्रो लेटरिंग ‘RBI’, ‘BHARAT’ और ’50’ बहुत छोटे अक्षरों में अंकित। मैग्नीफाइंग ग्लास से साफ दिखता है। अक्षर धुंधले, आपस में फैले हुए या गायब होते हैं।
अशोक स्तंभ दाहिनी ओर नीचे की तरफ अशोक स्तंभ का चिह्न स्पष्ट और साफ प्रिंट होता है। अशोक स्तंभ की छपाई में फिनिशिंग की कमी होती है।
पीछे का चित्र दक्षिण भारत के प्रसिद्ध हम्पी के रथ (Hampi Chariot) का चित्र। चित्र के रंग फीके या विवरण अस्पष्ट होते हैं।

असली और नकली नोट में अंतर करने का ‘3-स्टेप फार्मूला’

RBI ने आम जनता के लिए नोटों की पहचान हेतु “देखें, छुएं और झुकाएं” (Look, Touch and Tilt) का नियम सुझाया है:

  1. देखें (Look): नोट को रोशनी के सामने रखें। वाटरमार्क में गांधी जी का चेहरा और ‘See-Through Register’ में मूल्यवर्ग अंक सही से मिल रहे हैं या नहीं, यह जांचें।

  2. छुएं (Touch): नोट के कागज का अहसास करें। असली नोट का कागज 100% सूती (Cotton) का बना होता है, जो छूने पर कड़ा और विशिष्ट आवाज देता है। उभरी हुई छपाई (Intaglio) को गांधी जी के चित्र और RBI गवर्नर के हस्ताक्षर पर उंगलियां फेरकर महसूस करें।

  3. झुकाएं (Tilt): नोट को थोड़ा तिरछा करके देखें। ₹100 के नोट पर लगा सुरक्षा धागा हरे से नीला रंग बदलता है या नहीं, यह सुनिश्चित करें।

यदि आपको नकली नोट मिल जाए तो क्या करें? (RBI के कड़े नियम)

यदि किसी कारणवश लेन-देन के दौरान आपके पास कोई नकली नोट आ जाता है, तो घबराएं नहीं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और भारतीय दंड संहिता (IPC) के अनुसार निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें:

  • बैंक में जमा कराने पर: यदि आप बैंक में नकली नोट जमा करने जाते हैं, तो बैंककर्मी उस नोट को जब्त कर लेगा और उस पर ‘COUNTERFEIT BANKNOTE IMPOUNDED’ की मुहर लगा देगा। बैंक आपको इसके बदले कोई राशि नहीं देगा, लेकिन आपको एक रसीद (Acknowledgement Receipt) जरूर जारी करेगा।

  • पुलिस को सूचना: यदि एक ही लेनदेन में 5 या उससे अधिक जाली नोट मिलते हैं, तो बैंक तुरंत स्थानीय पुलिस अधिकारी को सूचित करता है।

  • चलाने की कोशिश न करें: किसी जाली नोट को बाजार में जानबूझकर चलाने का प्रयास भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 489B और 489C के तहत एक गैर-जमानती अपराध है, जिसमें जुर्माना और 7 से 10 साल तक की जेल हो सकती है।

निष्कर्ष: जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है

नकली नोटों का संचलन न केवल आम नागरिक को आर्थिक नुकसान पहुंचाता है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और बैंकिंग प्रणाली के लिए भी बड़ा खतरा पैदा करता है। हमारा टाइम्स की ओर से सभी पाठकों को सलाह है कि किसी भी बड़े या छोटे लेन-देन के दौरान ₹50 और ₹100 के नोटों के सुरक्षा मानकों की जांच अवश्य करें। थोड़ी सी सतर्कता आपको किसी भी बड़े वित्तीय धोखे से बचा सकती है।

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