अयोध्या Ram Mandir दान चोरी कांड: गर्लफ्रेंड को आईफोन, भाई की आलीशान शादी
आरोपी अविनाश शुक्ला के कबूलनामे ने उड़ाए होश, जानिए कैसे भक्तों की आस्था के पैसे पर उड़ाए गए रंगरैलियां
विशेष रिपोर्ट — हमारा टाइम्स (hamaratimes.com) संवाददाता: सीनियर क्राइम रिपोर्टर, अयोध्या
अयोध्या। राम जन्मभूमि अयोध्या में प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर में देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं द्वारा श्रद्धापूर्वक चढ़ाए गए दान पर हाथ साफ करने वाले गिरोह को लेकर एक ऐसा चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जिसने हर किसी को सन्न कर दिया है। भगवान राम के चरणों में अर्पित किए गए आस्था के पैसे से किस तरह ऐशो-आराम की जिंदगी जी जा रही थी और अय्याशी के साधन जुटाए जा रहे थे, इसका पूरा कच्चा चिट्ठा अब सामने आ चुका है।
इस महा-चोरी कांड के मुख्य आरोपियों में से एक, अविनाश शुक्ला ने पुलिस पूछताछ में जो कबूलनामा (Confession) किया है, उसने जांच अधिकारियों से लेकर राम मंदिर(Ram Mandir) ट्रस्ट तक के पैरों तले जमीन खिसका दी है। जहां एक तरफ देश का आम नागरिक अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई से एक-एक रुपया बचाकर रामलला के चरणों में समर्पित कर रहा था, वहीं दूसरी तरफ मंदिर के ही अंदर बैठे कुछ ‘विभीषण’ उस पवित्र धन से अपनी प्रेमिका को महंगे आईफोन गिफ्ट कर रहे थे और अपने परिवारों में आलीशान शादियों का जश्न मना रहे थे।
आइए इस विशेष और विस्तृत रिपोर्ट में समझते हैं कि आखिर क्या है यह पूरा मामला, अविनाश शुक्ला ने अपने कबूलनामे में क्या-क्या राज उगले हैं, और कैसे राम मंदिर की सुरक्षा और प्रबंधन व्यवस्था में इतनी बड़ी सेंधमारी को अंजाम दिया गया।
क्या है अयोध्या राम मंदिर(Ram Mandir) दान चोरी का पूरा मामला?
अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही हर दिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं। हर रोज दान पेटियों (Donation Boxes) में करोड़ों रुपये का नकद चढ़ावा, सोना, और चांदी अर्पित किया जाता है। इतनी भारी मात्रा में आने वाले चढ़ावे की गिनती के लिए बकायदा एक काउंटिंग स्टाफ (Donation Counting Staff) तैनात किया गया है।
चोरी का यह खेल कहीं बाहर से नहीं, बल्कि इसी काउंटिंग रूम के भीतर से चल रहा था। शुरुआती जांच और पुलिस की चार्जशीट के दस्तावेजों के अनुसार, दान पेटी से पैसे चुराने के आरोप में कुल आठ काउंटिंग स्टाफ के सदस्यों को चिन्हित और गिरफ्तार किया गया है। अनुमान लगाया जा रहा है कि यह चोरी लंबे समय से चल रही थी और चुराई गई कुल राशि करोड़ों में हो सकती है। हालांकि, पुलिस अभी मनी ट्रेल (Financial Trail) को खंगालने में जुटी है। इस पूरे गिरोह में अविनाश शुक्ला नाम के आरोपी ने सबसे बड़ी रकम पर हाथ साफ किया था।
आरोपी अविनाश शुक्ला का चौंकाने वाला कबूलनामा
एनडीटीवी (NDTV) की रिपोर्ट और पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी अविनाश शुक्ला ने पूछताछ के दौरान यह स्वीकार किया है कि उसने दान पेटी से अकेले ही करीब 20 लाख रुपये उड़ाए थे। जब पुलिस ने उससे पूछा कि आस्था के इस पैसे का उसने क्या किया, तो जो जवाब सामने आया वह हैरान करने वाला था।
अविनाश शुक्ला ने कबूला कि उसने चोरी की रकम में से लगभग 19 लाख रुपये अपने परिवार, दोस्तों और अपनी गर्लफ्रेंड (Premika) पर पानी की तरह बहा दिए।
1. गर्लफ्रेंड को आईफोन और लाखों का कैश ट्रांसफर
अविनाश की अय्याशी का आलम यह था कि उसने भगवान राम के मंदिर(Ram Mandir) से चुराए गए पैसों से अपनी गर्लफ्रेंड को एक बेहद महंगा आईफोन (iPhone) गिफ्ट किया। इतना ही नहीं, उसने अपनी प्रेमिका के बैंक खाते में करीब 2.5 लाख रुपये नकद भी ट्रांसफर किए ताकि वह अपनी जरूरतें और शौक पूरे कर सके। भक्तों की आस्था का पैसा किस तरह एक निजी रिश्ते की नुमाइश और महंगे गैजेट्स खरीदने में इस्तेमाल हो रहा था, इस खुलासे ने रामभक्तों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
2. भाई की शादी में उड़ाए 6 लाख रुपये
अविनाश शुक्ला ने न सिर्फ अपने निजी शौक पूरे किए, बल्कि परिवार में अपनी धक जमाने के लिए भी इस पवित्र धन का इस्तेमाल किया। उसने कबूला कि उसने अपने भाई की शादी को आलीशान बनाने के लिए मंदिर से चुराए गए पैसों में से करीब 6 लाख रुपये पानी की तरह बहा दिए। शादी में हुए तमाम महंगे इंतजाम इसी चोरी के पैसे से किए गए थे।
3. दूसरे भाई को दिए 5 से 6 लाख रुपये
अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों को ‘चोरी के पैसों’ से निभाते हुए अविनाश ने अपने एक और भाई को लगभग 5 से 6 लाख रुपये नकद दिए। पुलिस अब इन सभी बैंक खातों और लेन-देन की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या परिवार के अन्य सदस्यों को भी यह मालूम था कि यह पैसा अयोध्या के राम मंदिर की दान पेटी से चुराकर लाया गया है।
जांच के दायरे में मनी ट्रेल: पुलिस खंगाल रही है कुंडली
उत्तर प्रदेश पुलिस और जांच एजेंसियां इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही हैं। पुलिस दस्तावेजों के अनुसार, अविनाश शुक्ला इस पूरे कांड का वो मोहरा है जिसने सबसे ज्यादा रकम (लगभग 20 लाख रुपये) अपनी जेब में रखी थी।
जांच अधिकारी अब अविनाश और उसकी गर्लफ्रेंड के बैंक खातों, उसके भाइयों के वित्तीय लेन-देन और हाल ही में खरीदी गई संपत्तियों व अन्य संपत्तियों (Assets) का पूरा ब्योरा जुटा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि यह पूछताछ केवल अविनाश के कबूलनामे तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि तकनीकी और फॉरेंसिक सबूतों के जरिए कोर्ट में पुख्ता चार्जशीट दाखिल की जाएगी ताकि आरोपियों को सख्त से सख्त सजा मिल सके।
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राम मंदिर(Ram Mandir) ट्रस्ट में मचा हड़कंप: चंपत राय का इस्तीफा
इस महा-चोरी कांड के सामने आने के बाद से ही श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की साख पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे थे। विपक्ष से लेकर आम जनता तक यह पूछ रही थी कि देश के सबसे सुरक्षित और प्रतिष्ठित मंदिरों में से एक में ऐसी ढिलाई कैसे बरती गई?
इस पूरे विवाद का असर ट्रस्ट के शीर्ष नेतृत्व पर भी देखने को मिला:
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चंपत राय का इस्तीफा: राम मंदिर(Ram Mandir) ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इस चोरी कांड और लगातार बढ़ते विवादों के बीच अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसे ट्रस्ट द्वारा स्वीकार भी कर लिया गया है।
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बैंकों पर फूटा ठीकरा: इस्तीफे से पहले चंपत राय ने अपने एक खुले पत्र में इस पूरी लापरवाही का जिम्मेदार उस बैंक को ठहराया था जिसे दान के पैसों के प्रबंधन और गिनती की निगरानी का जिम्मा सौंपा गया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि बैंक की ढिलाई के कारण ही काउंटिंग स्टाफ को इतनी बड़ी चोरी करने का मौका मिला।
भक्तों की आस्था को ठेस: उठ रहे हैं गंभीर सवाल
इस घटना ने देश भर के सनातनियों और रामभक्तों के दिलों को गहरी ठेस पहुंचाई है। लोग सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं।
“हम अपनी कमाई का एक हिस्सा प्रभु के चरणों में इस उम्मीद के साथ समर्पित करते हैं कि इससे मंदिर का विकास होगा, जन कल्याण के कार्य होंगे और अयोध्या की भव्यता बढ़ेगी। लेकिन जब यह पता चलता है कि हमारे दान के पैसे से कोई अपनी प्रेमिका को आईफोन गिफ्ट कर रहा है, तो दिल टूट जाता है।” — सुरेश शर्मा, रामभक्त (दिल्ली)
इस घटना के बाद अब मंदिर प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई तीखे सवाल खड़े हो रहे हैं:
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काउंटिंग रूम के भीतर सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की निगरानी कैसी थी कि आरोपी लगातार इतनी बड़ी रकम पार करते रहे?
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क्या काउंटिंग स्टाफ की नियुक्ति से पहले उनका कड़ा बैकग्राउंड वेरिफिकेशन (Background Verification) नहीं किया गया था?
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क्या बैंक और ट्रस्ट के बीच समन्वय (Coordination) में कोई बड़ी कमी थी जिसका फायदा इन चोरों ने उठाया?
आगे क्या?
अयोध्या पुलिस का कहना है कि इस मामले में शामिल सभी आठों आरोपियों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसा जा चुका है। अविनाश शुक्ला के कबूलनामे के बाद अब उसकी प्रेमिका और परिवार के उन सदस्यों से भी पूछताछ हो सकती है जिनके खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए थे। पुलिस चोरी की गई रकम की शत-प्रतिशत रिकवरी (Recovery) की कोशिश में जुटी है ताकि प्रभु का पैसा वापस राम मंदिर(Ram Mandir) के खजाने में लौट सके।
राम मंदिर(Ram Mandir) ट्रस्ट के नए अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसी किसी भी घटना को रोकने के लिए काउंटिंग की व्यवस्था को पूरी तरह से डिजिटल, पारदर्शी और अभेद्य बनाया जाएगा, जहां परिंदा भी पर न मार सके।
हमारा टाइम्स की इस विशेष रिपोर्ट पर अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें। क्या आपको लगता है कि इस मामले में बैंक और ट्रस्ट के बड़े अधिकारियों की भी जवाबदेही तय होनी चाहिए?
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