‘30 करोड़ लोगों को जोड़ने वाला Orkut क्यों डूबा और अब कैसे लौट रहा है? पूरी कहानी
2000 के दशक में भारत और ब्राजील पर राज करने वाला पहला सोशल नेटवर्क Orkut क्यों बंद हुआ? जानिए इसके पतन की असली वजहें और संस्थापक ऑर्कुट बुयुकोकटेन (Orkut Büyükkökten) के नए कमबैक प्लान (orkut.com) की पूरी कहानी।
नई दिल्ली / टेक डेस्क (Hamara Times): आज के दौर में जब हम सोशल मीडिया की बात करते हैं, तो हमारे दिमाग में इंस्टाग्राम रील्स (Instagram Reels), फेसबुक (Facebook) और एक्स (X) जैसे प्लेटफॉर्म चमकते हैं। लेकिन 2000 के दशक की शुरुआत में जब इंटरनेट आम भारतीयों की जिंदगी में दस्तक दे रहा था, तब सोशल मीडिया का असली मतलब सिर्फ एक ही नाम था—ऑर्कुट (Orkut)।
‘स्क्रैप’ भेजना (Scrap), दोस्तों से ‘टेस्टिमोनियल’ (Testimonials) लिखवाना और अपनी पसंद की ‘कम्युनिटी’ (Communities) से जुड़ना, उस दौर के युवाओं का रोजाना का काम बन चुका था। अपने चरम पर 30 करोड़ से अधिक यूजर बेस (Userbase) तक पहुंचने वाला और भारत-ब्राजील जैसे बड़े देशों पर राज करने वाला Orkut आखिर अचानक गायब कैसे हो गया?
और अब, सालों के इंतजार के बाद इसके संस्थापक ऑर्कुट बुयुकोकटेन (Orkut Büyükkökten) एक नए मिशन के साथ इसे फिर से क्यों लौटाना चाहते हैं? आइए ‘Hamara Times’ की इस विस्तृत रिपोर्ट में समझते हैं Orkut के जन्म, इसके पतन और इसके नए अवतार की पूरी कहानी।
1. क्या था Orkut? कैसे बनी Google की पहली सोशल मीडिया क्रांति?
ऑर्कुट का जन्म साल 2004 के जनवरी महीने में हुआ था। दिलचस्प बात यह है कि Orkut को गूगल ने किसी बहुत बड़े व्यावसायिक प्रोजेक्ट के रूप में शुरू नहीं किया था। इसे गूगल के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ऑर्कुट बुयुकोकटेन ने अपने ‘20% टाइम प्रोजेक्ट’ (जहाँ कर्मचारियों को अपनी पसंद के प्रोजेक्ट पर काम करने की छूट मिलती थी) के तहत बनाया था।
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Orkut के वे फीचर्स, जिन्हें लोग आज भी याद करते हैं:
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स्क्रैपबुक (Scraps): आज के पब्लिक कमेंट्स और प्राइवेट मैसेज का मिला-जुला रूप।
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टेस्टिमोनियल्स (Testimonials): दोस्त आपके बारे में क्या सोचते हैं, यह प्रोफाइल पर लिखा जाता था।
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कम्युनिटीज (Communities): फिल्मों, गानों, कॉलेज और शौक के आधार पर बने ग्रुप्स, जहाँ आधी रात तक चर्चाएँ चलती थीं।
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क्रश और विज़िटर ट्रैकर: आपकी प्रोफाइल किसने देखी, यह जानने की उत्सुकता पूरी करने वाला अनोखा फीचर।
2008 तक आते-आते भारत और ब्राजील में Orkut लोकप्रियता के सारे रिकॉर्ड तोड़ चुका था। ब्राजील में तो कुल यूजर्स का 50% से ज्यादा हिस्सा था, जिसके चलते गूगल को Orkut का संचालन ही ब्राजील शिफ्ट करना पड़ा था।
2. 30 करोड़ का साम्राज्य क्यों ढहा? Orkut के डूबने की 5 बड़ी वजहें
इतनी भारी लोकप्रियता के बावजूद, 30 सितंबर 2014 को गूगल ने Orkut को आधिकारिक तौर पर हमेशा के लिए बंद कर दिया। आखिर इतना बड़ा प्लेटफॉर्म क्यों डूबा? इसके पीछे 5 मुख्य कारण थे:
┌─────────────────────────────────────────┐ │ Orkut के पतन के मुख्य कारण │ └────────────────────┬────────────────────┘ │ ┌─────────────────┬───────────────┼───────────────┬─────────────────┐ │ │ │ │ │ ▼ ▼ ▼ ▼ ▼ ▼ [धीमी स्पीड व [मोबाइल क्रांति [फेसबुक और न्यूज [स्पैम, फेक प्रोफाइल [गूगल का भटकाव तकनीकी खामियां] में नाकामी] फीड का आगमन] व सुरक्षा मुद्दे] (Google+ पर ध्यान)] 1. धीमी स्पीड और सर्वर संबंधी समस्याएं (Slow Performance)
Orkut की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी तकनीकी संरचना थी। जैसे-जैसे यूजर्स बढ़े, वेबसाइट बहुत धीमी होने लगी। पेज लोड होने में सेकंडों लग जाते थे। गूगल की तत्कालीन एक्जीक्यूटिव मैरिसा मेयर ने भी माना था कि धीमी गति के कारण ही Orkut अमेरिका जैसे बड़े बाजारों में अपनी जगह नहीं बना पाया।
2. फेसबुक और ‘न्यूज फीड’ का धमाकेदार आगमन
जब Orkut पर लोग पुराने तरीके से प्रोफाइल अपडेट कर रहे थे, तभी मार्क जुकरबर्ग के Facebook ने बाजार में एंट्री मारी। फेसबुक का ‘न्यूज फीड’ (News Feed) एक गेम-चेंजर साबित हुआ। अब यूजर्स को किसी की प्रोफाइल पर जाकर देखने की जरूरत नहीं थी, बल्कि सारे दोस्तों की एक्टिविटी एक ही जगह स्क्रॉल करते हुए दिख जाती थी।
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2010 में फेसबुक ने भारत में Orkut को पछाड़ा।
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2011 के अंत में ब्राजील में भी फेसबुक नंबर-1 सोशल नेटवर्क बन गया।
3. स्मार्टफोन और मोबाइल ऐप क्रांति में पिछड़ना
2010 के बाद स्मार्टफोन का दौर शुरू हुआ, लेकिन Orkut एक डेस्कटॉप-फ्रेंडली प्लेटफॉर्म ही बना रहा। जब लोग मोबाइल ऐप्स पर शिफ्ट हो रहे थे, Orkut का मोबाइल एक्सपीरियंस बेहद खराब और आउटडेटेड था।
4. फेक प्रोफाइल्स, स्पैम और सिक्योरिटी (Trust & Safety)
Orkut पर प्राइवेसी कंट्रोल्स बहुत कमजोर थे। फेक आईडी, स्पैम मैसेज, हैकिंग वर्म्स और हेट-ग्रुप्स की भरमार हो गई थी। कई देशों में विधिक विवाद बढ़ने लगे, जिससे आम यूजर्स का भरोसा इस प्लेटफॉर्म से उठ गया।
5. गूगल का अपना ध्यान भटकना (Google+ का लॉन्च)
गूगल ने सोशल मीडिया में फेसबुक को टक्कर देने के लिए Orkut को अपग्रेड करने के बजाय Google+ जैसे नए प्रोजेक्ट्स पर ध्यान देना शुरू कर दिया। Orkut के रिसोर्स कम कर दिए गए और आखिरकार 2014 में इसे बंद करने का ऐलान कर दिया गया।
3. क्या सच में वापस लौट रहा है Orkut? जानिए कमबैक का सच
इंटरनेट पर Orkut की वापसी को लेकर कई तरह की अफवाहें हैं। लेकिन सच क्या है?
संस्थापक ऑर्कुट बुयुकोकटेन ने orkut.com पर एक खुला पत्र (Open Letter) और अभियान जारी किया है। उन्होंने अपनी बौद्धिक संपदा (Intellectual Property Rights) पुनः हासिल करने के बाद एक मानव-केंद्रित इंटरनेट बनाने का संकल्प लिया है।
ऑर्कुट बुयुकोकटेन के अनुसार:
“आज का सोशल मीडिया कनेक्शन बनाने के बजाय लोगों को बांटने, स्क्रीन टाइम बढ़ाने और एल्गोरिदम से नियंत्रित करने का काम कर रहा है। हमें एक ऐसा प्लेटफॉर्म चाहिए जो इंसानी रिश्तों, दयालुता, दोस्ती और सच्ची कम्युनिटी को बढ़ावा दे।”
अब तक क्या हुआ है? (Current Status)
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पिटिशन और सपोर्टर कार्ड: Orkut की आधिकारिक वेबसाइट (
orkut.com) पर एक लाइव पिटिशन चलाई गई है। -
लाखों लोगों का समर्थन: दुनिया के 160 से अधिक देशों से 4 लाख से अधिक लोग इस पिटिशन पर हस्ताक्षर कर चुके हैं, जिनमें भारत और ब्राजील के यूजर्स सबसे आगे हैं।
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क्या ऐप लॉन्च हो गया है? नहीं, फिलहाल तुरंत डाउनलोड करने के लिए कोई नया ऐप या लॉन्च डेट घोषित नहीं हुई है, लेकिन संस्थापक नए और ‘ह्यूमन-फ्रेंडली’ सोशल नेटवर्क के निर्माण के लिए लोगों की राय और समर्थन जुटा रहे हैं।
4. आज के सोशल मीडिया युग में नए Orkut के लिए क्या चुनौतियां हैं?
अगर Orkut का नया अवतार लॉन्च होता है, तो उसकी राह आसान नहीं होगी:
| चुनौती | विवरण |
| एल्गोरिदम बनाम ह्यूमन मॉडल | आज के इंस्टाग्राम और टिकटॉक एल्गोरिदम पर आधारित हैं। क्या यूजर्स बिना एडिक्टिव स्क्रॉलिंग के पुराने तरीके से जुड़ना पसंद करेंगे? |
| डेटा प्राइवेसी और सुरक्षा | डेटा लीक और प्राइवेसी को लेकर आज नियम बहुत सख्त हैं। |
| मोनिटाइजेशन (कमाई का जरिया) | बिना यूजर्स के डेटा को बेचे या अत्यधिक विज्ञापन दिखाए बिजनेस मॉडल खड़ा करना चुनौतीपूर्ण होगा। |
निष्कर्ष (Conclusion)
Orkut सिर्फ एक वेबसाइट नहीं थी, वह 90 के दशक के उत्तरार्ध और 2000 के दशक की पीढ़ी के लिए इंटरनेट का पहला प्यार थी। भले ही तकनीकी खामियों और फेसबुक के उभार के चलते Orkut 2014 में बंद हो गया, लेकिन आज जब लोग सोशल मीडिया की ‘रील्स’ और एल्गोरिदम की थकावट से परेशान हैं, तब Orkut की वापसी की खबर लोगों में पुरानी यादें और उम्मीद जगा रही है।
क्या नया Orkut आज के इंस्टाग्राम और एक्स (Twitter) के जमाने में अपनी जगह बना पाएगा? यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन इंटरनेट प्रेमी एक बार फिर अपने पुराने दोस्तों को ‘स्क्रैप’ भेजने का सपना जरूर देखने लगे हैं!
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