NEET Paper Leak विवाद और देशव्यापी विरोध प्रदर्शन: PM मोदी, पीयूष गोयल, धर्मेंद्र प्रधान, रवि किशन और अभिजीत दीपके का क्या है बयान?
NEET Paper Leak पर बढ़ा बवाल: PM मोदी का बयान
नई दिल्ली (HamaraTimes.com Desktop): देश के लाखों युवाओं और छात्रों के भविष्य से जुड़ा पेपर लीक (NEET Paper Leak) मामला अब केवल एक प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय राजनीतिक व सामाजिक संग्राम का रूप ले चुका है। NEET-UG और कई प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर जंतर-मंतर से शुरू हुआ आंदोलन अब सड़कों से लेकर संसद तक गूंज रहा है। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के बैनर तले छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।
संसद के मानसून सत्र के दौरान लगातार चौथे दिन इस मुद्दे पर जोरदार हंगामा देखने को मिला, जिससे विधायी कार्यवाही प्रभावित हुई है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, बीजेपी सांसद रवि किशन और CJP संस्थापक अभिजीत दीपके के हालिया बयानों ने विवाद की दिशा तय कर दी है।
HamaraTimes.com आपके लिए लाया है इस पूरे मामले पर सभी प्रमुख नेताओं व हितधारकों के बयानों और ताजा हालातों की एक विशेष ग्राउंड रिपोर्ट।
1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रुख: “फास्ट-ट्रैक कोर्ट्स और 10 साल की जेल, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा”
देशव्यापी गुस्से और संसद में गतिरोध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश जारी कर देश के छात्रों और उनके अभिभावकों को आश्वस्त किया है।
More strict actions against paper leaks to come in tomorrow’s Cabinet! pic.twitter.com/NRysBukk5U
— Narendra Modi (@narendramodi) July 23, 2026
PM मोदी का संदेश:
“मैं जानता हूं कि पेपर लीक कोई साधारण मामला नहीं है। लाखों छात्रों और उनके माता-पिता के लिए यह बहुत ही पीड़ादायक अनुभव है। हमारी सबसे पहली जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना था कि छात्रों का एक पूरा साल बर्बाद न हो। इसीलिए रिकॉर्ड समय में पुनः परीक्षाएं कराई गईं और परिणाम घोषित किए गए।”
प्रधानमंत्री ने आगे स्पष्ट किया कि सरकार केवल जांच तक सीमित नहीं रहेगी। केंद्रीय कैबिनेट ने एक नए सख्त विधेयक (Bill) के प्रारूप को मंजूरी दे दी है। इस विधेयक के तहत:
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फास्ट-ट्रैक अदालतों (Fast-Track Courts) का गठन किया जाएगा ताकि मुकदमों का निपटारा तुरंत हो सके।
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दोषियों के लिए 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का कड़ा प्रावधान होगा।
2. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का स्पष्टीकरण: “सुधार प्रक्रिया जारी, इस्तीफे की मांग अनुचित”
विपक्ष और प्रदर्शनकारी लगातार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। इस पर धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय मंत्रालय की ओर से यह रुख साफ किया गया है कि सरकार संस्थागत सुधारों (Institutional Reforms) पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
धर्मेंद्र प्रधान ने संसद परिसर में संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि National Testing Agency (NTA) के ढांचे की पुनर्रचना की जा रही है और एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति इसके पारदर्शी संचालन पर काम कर रही है। उन्होंने विपक्ष के विरोध को ‘राजनीतिक रूप से प्रेरित’ बताते हुए कहा कि सरकार बहस और चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन इस्तीफे से समस्या का समाधान नहीं होगा।
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3. पीयूष गोयल का तीखा हमला: “विपक्ष अंतरराष्ट्रीय मंचों और उपलब्धियों को बदनाम कर रहा है”
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस विरोध प्रदर्शन के पीछे विपक्ष की साजिश का आरोप लगाया है।
पीयूष गोयल का बयान:
“यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब देश तकनीक और विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है, तब विपक्ष AI समिट और अन्य वैश्विक सम्मेलनों के मौकों का इस्तेमाल भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए कर रहा है। छात्रों के मुद्दों की आड़ में राष्ट्रविरोधी एजेंडा चलाया जा रहा है। सरकार युवाओं के अधिकारों की रक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है, लेकिन किसी को भी देश का नाम खराब करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।”
4. बीजेपी सांसद रवि किशन का बयान: “छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले जेल जाएंगे”
गोरखपुर से बीजेपी सांसद और वरिष्ठ अभिनेता रवि किशन ने इस मुद्दे पर सरकार का समर्थन करते हुए सख्त रुख अपनाया।
रवि किशन ने मीडिया से बात करते हुए कहा:
“हमारी सरकार गरीबों और मध्यम वर्ग के बच्चों के संघर्ष को समझती है। जो लोग करोड़ों रुपये लेकर पर्चा लीक करते हैं, वे देशद्रोही हैं। मोदी सरकार जो नया कानून ला रही है, उससे ऐसे माफियाओं की रीढ़ टूट जाएगी। विपक्ष इस पर सकारात्मक चर्चा करने की बजाय सदन को ठप कर रहा है, जिससे खुद छात्रों का नुकसान हो रहा है।”
5. अभिजीत दीपके (CJP संस्थापक) का पलटवार: “सख्त कानून ठीक, लेकिन धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा अनिवार्य”
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक और NEET Paper Leak आंदोलन का चेहरा बने अभिजीत दीपके ने सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने का स्वागत किया है, लेकिन आंदोलन जारी रखने का संकल्प जताया है।
अभिजीत दीपके का बयान:
“हमें राहत है कि सोनम वांगचुक सर ने 26 दिनों का अपना अनशन समाप्त किया है। लेकिन जंतर-मंतर पर हमारा शांतिपूर्ण आंदोलन तब तक समाप्त नहीं होगा, जब तक कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते। केवल कागजी कानून और आश्वासन देने से बीते वर्षों में पीड़ित हुए लाखों छात्रों का नुकसान वापस नहीं होगा। जब तक नैतिक जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक देश भर का युवा सड़कों पर डटा रहेगा।”
क्या है यह ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) आंदोलन?
इस विरोध प्रदर्शन का नाम ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पड़ने के पीछे एक खास वजह है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले दिनों कोर्ट की एक टिप्पणी के बाद युवाओं ने सांकेतिक रूप से खुद को ‘कॉकरोच’ नाम देकर एक व्यंग्यात्मक अभियान शुरू किया था, जिसने कुछ ही हफ्तों में एक बड़े राष्ट्रव्यापी आंदोलन का रूप ले लिया।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें:
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री का तत्काल इस्तीफा।
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परीक्षा रद्द होने और अवसाद के चलते आत्महत्या करने वाले परीक्षार्थियों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा।
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NTA की कार्यप्रणाली में पूर्ण पारदर्शी बदलाव।
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पेपर लीक मामलों में लिप्त कोचिंग माफिया और अधिकारियों की तुरंत गिरफ्तारी।
रवि किशन का बयान और ‘अखबार लीक’ वाली वायरल क्लिप
बीजेपी सांसद रवि किशन का कड़ा रुख:
गोरखपुर से सांसद रवि किशन ने NEET पेपर लीक मामले में दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि, “जो अपराधी लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, उन्हें सख्त सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई पर्चा लीक करने की हिम्मत न करे।”
(गौरतलब है कि मीडिया से बातचीत के दौरान रवि किशन की जुबान फिसल गई थी और उन्होंने NEET परीक्षा लीक की जगह ‘NEET अखबार लीक’ कह दिया था। बाद में उन्होंने हंसते हुए इस पर सफाई दी कि उनकी मंशा सिर्फ छात्रों के हक में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करने की थी।)
फर्जी वीडियो को लेकर पीआईबी का स्पष्टीकरण
पीयूष गोयल के वायरल वीडियो पर PIB की चेतावनी:
इस बीच, सोशल मीडिया पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का एक विवादित वीडियो प्रसारित किया गया, जिसमें उन पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया। हालांकि, PIB Fact Check ने तुरंत इसका खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि यह वीडियो पूरी तरह से फर्जी (Fake) और AI-जनरेटेड (Deepfake) है। सरकार ने साफ किया है कि पीयूष गोयल ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है और यह फर्जी वीडियो आंदोलन को गुमराह करने और भ्रामक प्रचार फैलाने की नीयत से तैयार किया गया है।
संसद में गतिरोध और आगे का रास्ता
संसद के मानसून सत्र में विपक्ष (INDIA गठबंधन) और सत्ता पक्ष के बीच गतिरोध कायम है। जहां विपक्ष का कहना है कि वे बिना शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के सदन को चलने नहीं देंगे, वहीं सरकार का कहना है कि वे नियम के तहत पूरी चर्चा के लिए तैयार हैं और नया विधेयक लाने जा रहे हैं।
सोमवार से शुरू हो रहे संसद के अगले हफ्ते में यह विधेयक पटल पर रखे जाने की संभावना है। अब देखना यह होगा कि क्या इस नए विधेयक से प्रदर्शनकारी छात्रों का गुस्सा शांत होता है या यह आंदोलन कोई नया मोड़ लेता है।
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