Trump का ईरान युद्ध पर राष्ट्र के नाम संबोधन: मुख्य बातें

राष्ट्रपति ट्रंप(Trump) ने स्पष्ट किया कि अमेरिका के मुख्य सैन्य उद्देश्य लगभग पूरे हो चुके हैं और युद्ध अब अपने अंतिम चरण में है।

Trump का ईरान युद्ध पर राष्ट्र के नाम संबोधन: मुख्य बातें और बड़े बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump का ईरान युद्ध पर राष्ट्र के नाम संबोधन: मुख्य बातें और बड़े बयान

वॉशिंगटन डीसी: दुनिया भर में जारी तनाव और मिडिल ईस्ट में मचे घमासान के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप(Trump) ने व्हाइट हाउस के ‘क्रॉस हॉल’ से राष्ट्र को संबोधित किया। 19 मिनट के इस आक्रामक और रणनीतिक भाषण में ट्रंप ने ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) को एक बड़ी सफलता करार दिया।

राष्ट्रपति ट्रंप(Trump) ने स्पष्ट किया कि अमेरिका के मुख्य सैन्य उद्देश्य लगभग पूरे हो चुके हैं और युद्ध अब अपने अंतिम चरण में है। हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगले दो से तीन हफ्तों तक ईरान पर “बेहद भीषण” हमले जारी रहेंगे।


ऑपरेशन एपिक फ्यूरी: “ईरान को पत्थर युग में वापस भेज देंगे”

राष्ट्रपति ट्रंप(trump) का यह संबोधन ऐसे समय में आया है जब 28 फरवरी, 2026 को शुरू हुए इस युद्ध को एक महीना पूरा हो चुका है। ट्रंप ने अपने भाषण की शुरुआत अमेरिकी सेना की ताकत का बखान करते हुए की। उन्होंने कहा:

“हम अगले दो से तीन हफ्तों में उन्हें (ईरान को) बहुत बुरी तरह से चोट पहुँचाने वाले हैं। हम उन्हें पत्थर युग (Stone Age) में वापस ले जाएंगे।”

ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी और इजरायली सेना ने मिलकर ईरान की नौसेना, वायु सेना और मिसाइल क्षमता को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया है। उन्होंने इसे अब तक का “सबसे शक्तिशाली और शानदार” सैन्य अभियान बताया।


ट्रंप के संबोधन की 10 मुख्य बातें (Key Quotes)

राष्ट्रपति ट्रंप(Trump) के भाषण के कुछ ऐसे अंश जिन्होंने वैश्विक राजनीति और बाजारों में हलचल मचा दी है:

  1. युद्ध के उद्देश्यों पर: “हमारे उद्देश्य स्पष्ट थे—ईरान के मिसाइल शस्त्रागार को खत्म करना, उनकी नौसेना को नेस्तनाबूद करना और यह सुनिश्चित करना कि वे कभी परमाणु हथियार हासिल न कर सकें। हमने यह कर दिखाया है।”

  2. ईरानी शासन पर कड़ा प्रहार: “ईरान दुनिया का सबसे हिंसक और ठग शासन है। हमने उनके नेतृत्व को पंगु बना दिया है।”

  3. ईंधन की कीमतों और अर्थव्यवस्था पर: “गैस की कीमतों में यह अल्पकालिक वृद्धि पूरी तरह से इस विक्षिप्त ईरानी शासन का परिणाम है। लेकिन याद रहे, हम दुनिया के नंबर एक तेल उत्पादक हैं।”

  4. हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर: “जो देश हॉर्मुज से तेल प्राप्त करते हैं, उन्हें अब खुद उस रास्ते की रक्षा करनी होगी। उनमें कुछ ‘देरी से आने वाली हिम्मत’ (delayed courage) दिखानी चाहिए। वहां जाएं और उस रास्ते पर कब्जा करें।”

  5. परमाणु हथियारों पर चेतावनी: “यह खूनी शासन परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा था। मैं ऐसा कभी नहीं होने दूंगा। हमने उनके परमाणु केंद्रों को मलबे में बदल दिया है।”

  6. ईरानी जनता के लिए संदेश: “ईरान के गर्वित लोगों, आपकी आजादी का समय करीब है। अपने घरों में रहें, बाहर बम गिर रहे हैं। जब हम यह खत्म कर लें, तो अपनी सरकार की कमान खुद संभालें।”

  7. नाटो (NATO) पर चुप्पी: दिलचस्प बात यह रही कि ट्रंप ने अपने पूरे भाषण में नाटो सहयोगियों का एक बार भी जिक्र नहीं किया, जो उनके पिछले बयानों के विपरीत था।

  8. सैन्य शक्ति पर गर्व: “मैंने अपनी पहली प्रेसीडेंसी में सेना का पुनर्निर्माण किया था। आज धरती पर ऐसी कोई शक्ति नहीं है जो हमारी ताकत और परिष्कार के करीब भी हो।”

  9. भविष्य के निवेश पर: “यह युद्ध वर्तमान के लिए नहीं, बल्कि आपके बच्चों और पोते-पोतियों के सुरक्षित भविष्य के लिए एक वास्तविक निवेश है।”

  10. सीजफायर (Ceasefire) की संभावना: “ईरान ने संघर्ष विराम की गुहार लगाई है, लेकिन हम अपनी शर्तों पर ही रुकेंगे। हमारे पास सभी पत्ते हैं, उनके पास कुछ नहीं।”

यह भी पढ़ें: Listunite सेवा प्रदाताओं के लिए मंच


तेल की कीमतों और वैश्विक बाजार पर असर

ट्रंप(Trump) के इस भाषण के तुरंत बाद वैश्विक बाजारों में अस्थिरता देखी गई। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 4.9% उछलकर $106.16 प्रति बैरल तक पहुंच गईं। वहीं, सोने की कीमतों में 2% की गिरावट दर्ज की गई।

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप(Trump) का ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ को लेकर दिया गया बयान चिंताजनक है। उन्होंने अन्य देशों से कहा कि वे स्वयं इस समुद्री रास्ते की सुरक्षा करें, जिससे भविष्य में सप्लाई चेन प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है।


‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ की अब तक की स्थिति

28 फरवरी, 2026 को शुरू हुए इस अभियान में अब तक के बड़े घटनाक्रम:

  • नेतृत्व का सफाया: युद्ध के पहले ही दिन ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई और कई शीर्ष अधिकारियों के मारे जाने की खबरें आईं।

  • सैन्य लक्ष्य: अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, अब तक ईरान के अंदर 12,300 से अधिक ठिकानों पर हमले किए जा चुके हैं।

  • हताहत: रिपोर्टों के अनुसार, इस युद्ध में हजारों लोग मारे गए हैं, जिनमें कम से कम 13 अमेरिकी सेवा सदस्य भी शामिल हैं।


राजनीतिक विश्लेषण: क्या युद्ध खत्म होने वाला है?

राष्ट्रपति ट्रंप(Trump) ने संकेत दिया कि अमेरिका “बहुत जल्द” ईरान से बाहर निकल सकता है, शायद अगले दो से तीन हफ्तों में। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि ईरान ने फिर से कोई हरकत की, तो अमेरिका ‘स्पॉट हिट्स’ (सटीक मिसाइल हमले) जारी रखेगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप पर घरेलू मोर्चे पर भी दबाव है। मार्च की रोजगार रिपोर्ट और गिरती अप्रूवल रेटिंग्स उनके लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। ऐसे में वे इस युद्ध को एक “जीत” के रूप में पेश कर जल्द से जल्द समाप्त करना चाहते हैं।


निष्कर्ष

डोनाल्ड ट्रंप(Trump) का यह संबोधन उनके ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति का एक और उदाहरण है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका अब दुनिया का “पुलिसवाला” बनकर दूसरों के व्यापारिक रास्तों की रक्षा नहीं करेगा। अब देखना यह होगा कि ईरान का नया नेतृत्व और वैश्विक समुदाय ट्रंप की इन कड़ी चेतावनियों पर क्या प्रतिक्रिया देता है।

हमारा टाइम्स इस युद्ध से जुड़ी हर छोटी-बड़ी खबर आप तक पहुंचाता रहेगा।

Follow us on FacebookYouTube and Twitter for latest updates.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here