Iran का बड़ा यू-टर्न! राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन ने हमलों पर मांगी माफी

ट्रंप की “बिना शर्त आत्मसमर्पण” (Unconditional Surrender) की मांग को भी सख्ती से खारिज कर दिया।

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Iran का बड़ा यू-टर्न! राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन ने हमलों पर मांगी माफी

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान(Iran) के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन (Masoud Pezeshkian) ने पड़ोसी देशों पर हुए हालिया हमलों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इन हमलों के लिए पड़ोसी देशों से माफी मांगते हुए कहा कि ईरान का उद्देश्य क्षेत्र में अस्थिरता पैदा करना नहीं है। साथ ही उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की “बिना शर्त आत्मसमर्पण” (Unconditional Surrender) की मांग को भी सख्ती से खारिज कर दिया।

ईरानी राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

पड़ोसी देशों से मांगी माफी

ईरान(Iran) के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने अपने एक सार्वजनिक संबोधन में कहा कि हालिया सैन्य कार्रवाई के दौरान कुछ पड़ोसी देशों को भी नुकसान पहुंचा है, जिसके लिए उन्हें खेद है। उन्होंने कहा कि ईरान का मकसद किसी भी पड़ोसी देश को नुकसान पहुंचाना नहीं था।

उन्होंने कहा कि ईरान की नीति स्पष्ट है—ईरान(Iran) किसी भी देश पर पहले हमला नहीं करेगा, लेकिन अगर ईरान पर हमला किया गया तो वह अपनी सुरक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई जरूर करेगा।

राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन ने कहा कि ईरान(Iran) क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना चाहता है और पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध रखना उसकी प्राथमिकता है।

ट्रंप की ‘Unconditional Surrender’ मांग पर दिया जवाब

ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी जिसमें उन्होंने ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण करने की मांग की थी।

पेज़ेश्कियन ने इस मांग को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि ईरान किसी भी बाहरी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरान एक स्वतंत्र और संप्रभु देश है और वह अपनी सुरक्षा और सम्मान की रक्षा करना जानता है।

उन्होंने यह भी कहा कि ईरान किसी युद्ध को बढ़ावा नहीं देना चाहता, लेकिन अगर उसके खिलाफ किसी तरह की आक्रामक कार्रवाई की जाती है तो वह उसका जवाब देने में सक्षम है।

क्यों बढ़ा मध्य-पूर्व में तनाव?

पिछले कुछ दिनों में मध्य-पूर्व में तनाव काफी बढ़ गया है। अमेरिका और इज़राइल की ओर से ईरान के कुछ सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई।

इसके जवाब में ईरान ने भी मिसाइल और ड्रोन हमलों के जरिए जवाबी कार्रवाई की। इन हमलों का असर कुछ पड़ोसी देशों तक भी पहुंचा, जिसके बाद क्षेत्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई।

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इसी कारण कई देशों ने ईरान से संयम बरतने की अपील की थी। अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच ईरानी राष्ट्रपति का यह माफी वाला बयान काफी अहम माना जा रहा है।

क्षेत्रीय कूटनीति के लिए अहम संकेत

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के राष्ट्रपति का यह बयान मध्य-पूर्व की राजनीति में एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है। यदि ईरान वास्तव में अपनी नीति में बदलाव करता है और पड़ोसी देशों पर हमले रोकता है, तो इससे क्षेत्र में तनाव कम होने की संभावना बढ़ सकती है।

हालांकि, इज़राइल और ईरान के बीच जारी टकराव और अमेरिका की सैन्य मौजूदगी के कारण स्थिति अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है।

क्या कम होगा युद्ध का खतरा?

मध्य-पूर्व पहले से ही कई संघर्षों का केंद्र रहा है। ऐसे में ईरान के राष्ट्रपति का यह बयान युद्ध के खतरे को कम करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सभी देश कूटनीति और बातचीत के जरिए समस्या का समाधान निकालने की कोशिश करें, तो क्षेत्र में शांति स्थापित की जा सकती है।

फिलहाल दुनिया की नजरें ईरान, अमेरिका और इज़राइल के अगले कदम पर टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में यह साफ हो पाएगा कि क्या यह बयान वास्तव में क्षेत्र में शांति की दिशा में एक नया अध्याय शुरू करेगा या तनाव आगे भी जारी रहेगा।

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