Israel – Iran टकराव तेज, दुनिया की बढ़ी चिंता
मध्य-पूर्व में हालात अचानक बेहद गंभीर हो गए हैं। इजरायल ने ईरान के कई ठिकानों पर सैन्य हमला किया है, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। राजधानी तेहरान सहित कई शहरों में जोरदार धमाकों की खबरें सामने आई हैं। इस घटनाक्रम ने संभावित बड़े संघर्ष की आशंका को बढ़ा दिया है।
क्या हुआ ताज़ा घटनाक्रम?
मिली जानकारी के अनुसार, इजरायल ने ईरान के खिलाफ “प्री-एम्प्टिव स्ट्राइक” यानी पहले से हमला करते हुए कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। शुरुआती रिपोर्ट्स में बताया गया कि तेहरान और अन्य महत्वपूर्ण इलाकों में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं।
इजरायल का दावा है कि यह कार्रवाई उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संभावित खतरे को देखते हुए की गई है।
किन जगहों पर हुए हमले?
प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक जिन इलाकों को निशाना बनाया गया, उनमें शामिल हैं:
- तेहरान
- इस्फहान
- कराज
- क़ोम
- केरमानशाह
बताया जा रहा है कि हमले मुख्य रूप से सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर केंद्रित थे। हालांकि नुकसान का पूरा आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है।
अमेरिका की भूमिका क्या है?
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस ऑपरेशन में अमेरिका ने इजरायल के साथ समन्वय किया है। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि यह कदम ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम से जुड़े खतरे को रोकने के लिए उठाया गया।
हालांकि, इस पर आधिकारिक स्तर पर अलग-अलग बयान सामने आ रहे हैं और स्थिति अभी विकसित हो रही है।
ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया
ईरान ने हमले को गंभीर उकसावा बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी है। ईरानी अधिकारियों ने कहा है कि देश अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए उचित जवाब देगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जवाबी कार्रवाई होती है तो क्षेत्र में बड़ा सैन्य टकराव हो सकता है।
भारत ने जारी की एडवाइजरी
तनावपूर्ण हालात को देखते हुए भारत सरकार ने ईरान और इजरायल में मौजूद भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। भारतीयों से कहा गया है कि वे सतर्क रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
क्यों बढ़ा Israel – Iran तनाव?
दोनों देशों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है। मौजूदा हालात के पीछे मुख्य वजहें मानी जा रही हैं:
- ईरान का परमाणु कार्यक्रम
- बैलिस्टिक मिसाइल विवाद
- क्षेत्रीय प्रभाव की प्रतिस्पर्धा
- पहले से जारी भू-राजनीतिक दुश्मनी
बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद स्थिति लगातार बिगड़ती गई।
आगे क्या हो सकता है?
विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले दिन बेहद अहम होंगे। संभावित असर:
- जवाबी हमलों से बड़ा संघर्ष
- कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
- मध्य-पूर्व में हवाई सेवाओं पर असर
- वैश्विक बाजारों में अस्थिरता
इजरायल द्वारा ईरान पर किया गया हमला मध्य-पूर्व को एक बार फिर बड़े संकट की ओर धकेल सकता है। फिलहाल सभी देशों की नजरें ईरान की अगली प्रतिक्रिया और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर टिकी हुई हैं। स्थिति तेजी से बदल रही है, इसलिए आने वाले समय में बड़े घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं।











